
一 | जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। रेलवे में लोको पायलटों से अतिरिक्त काम कराने का गंभीर मामला एक दुखद घटना के रूप में सामने आया है। 12 घंटे की लंबी ड्यूटी खत्म करने के तुरंत बाद लोको पायलट निर्मल दास की तबीयत बिगड़ गई और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना ने रेलवे की कार्यप्रणाली और सुरक्षा नियमों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।,लोको पायलट (मेल एक्सप्रेस) निर्मल दास को 27 अगस्त को ट्रेन संख्या 12021 एक्सप्रेस पर काम के लिए बुक किया गया था। उनकी ड्यूटी अगले दिन सुबह नौ बजे समाप्त हुई, जो कुल 12 घंटे की थी। ड्यूटी खत्म करने के बाद जब निर्मल दास परिसर से बाहर निकल रहे थे, तभी वे अचानक लड़खड़ाकर एक बगीचे में गिर पड़े। उन्हें तुरंत उल्टियां होने लगीं। वहां मौजूद अन्य रेल कर्मचारियों ने आनन-फानन में उन्हें रेलवे अस्पताल पहुंचाया, जहां से डाक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें मेडिट्रिना अस्पताल रेफर कर दिया। दुर्भाग्य से, इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।,रेलवे बोर्ड का स्पष्ट आदेश है कि मेल एक्सप्रेस के लोको पायलट से छह घंटे से अधिक की ड्यूटी नहीं कराई जानी चाहिए। इसके बावजूद, आरोप है कि नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए लोको पायलटों से 12 से 14 घंटे तक काम लिया जा रहा है।。 राज्य ब्यूरो,रांची । हाई स्कूल शिक्षक नियुक्ति की राज्यस्तरीय मेरिट लिस्ट को चुनौती देने वाले मामले में बुधवार को फैसला टल गया। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत अब एक सितंबर को मामले में अपना फैसला सुनाएगी। एक अगस्त को 252 याचिकाओं पर सभी पक्षों की ओर से बहस पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। मेरिट लिस्ट को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में मीना कुमारी सहित कई याचिकाएं दाखिल की गई हैं।,पूर्व में सुनवाई के दौरान वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार, चंचल जैन और अधिवक्ता तेजस्विता सफलता ने अदालत को बताया था कि सरकार के जवाब में बहुत त्रुटियां है, इसलिए इस मामले में एक न्यायिक आयोग का गठन किया जाए, जो फैक्ट की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करे।,प्रार्थियों का कहना था कि मेरिट लिस्ट तैयार करने में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सही तरीके से पालन नहीं किया गया है। मेरिट लिस्ट में काफी त्रुटि है। सरकार और जेएसएससी की ओर से कहा गया था कि मेरिट लिस्ट में कोई त्रुटि नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत ही मेरिट लिस्ट जारी की गई है।,झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में सहायक शिक्षक नियुक्ति मामले में दो वर्षीय बीएड योग्यता होने के बाद चयनित नहीं होने के खिलाफ दाखिल अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई।,सुनवाई के दौरान जेएसएससी की ओर से अदालत को बताया कि इस मामले में खंडपीठ में अवमानना याचिका दाखिल की गई है। जेएसएससी की ओर से प्रार्थियों के लिए दो सौ सीट सुरक्षित रखी गई है। ऐसे में अब अवमानना याचिका दाखिल करना उचित नहीं है। अदालत ने आयोग से जवाब मांगते हुए अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को निर्धारित की है। इस संबंध में विप्लव दत्ता सहित अन्य की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। पूर्व में सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया था कि दो वर्षीय बीएड की योग्यता होने पर आयोग की ओर से उन्हें नियुक्ति प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया है।,आयोग का कहना था कि नियुक्ति विज्ञापन में एक साल बीएड करने की शर्त लगाई गई है, इसलिए प्रार्थियों को बाहर रखा गया। तब अदालत ने दो सौ सीट सुरक्षित रखने का आदेश दिया था।。
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Published on:22:10:20
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